Thomas Alva Edision Real Life Story

हमारी सबसे बड़ी कम जोरी हार मानना हैं सफलता प्राप्त करने का सबसे सधारण तारिका हैं एक और बार कोशिश करना ।
Thomas Alva Edison

दोस्तो क्या आप जानते हैं की दुनिया की गलियो को ऊजाला करने वाली बल्फ का आविष्कार किसने किया हैं अक्सर कभी-कभी ऐसा होता हैं की दुनिया जिसकी उपयोग करता हैं उनमे से 80 % लोगो को यह पता नही होता की उनकी आविष्कार किसने किया हैं ।
चालिये आज हम इस पोस्ट में जानते हैं जिन्हे लोग पागल और सन्की कहते थे जिनकी आविष्कार ने दुनिया को चका- चाँन्द कर दिया ।
दोस्तो इस पोस्ट में जानेंगे बल्फ का आविष्कार करने वाले महान वैज्ञानिक थॉमस अलवा ऐडिशन के बारे में ।

दोस्तो थॉमस अलवा ऐडिशन की जन्म 11 फरवरी सन् 1847 में अमेरिका में हुँआ था पिता का नाम Shmuel Ogden  Edison और माँ का नाम Naney Matthews Edison था ।
थॉमस अलवा ऐडिशन आपने माता पिता के सात संतानो मे सबसे छोटे थे जब थॉमस अलवा ऐडिशन बडे हुये तो उनका एडमिशन एक स्कूल मे करा दिया गया लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद थॉमस अलवा ऐडिशन का शिकायत आने लगें।
थॉमस अलवा ऐडिशन स्कूल में शिक्षकों से अधिक और अश्जार्य जानक प्रश्न किया करते थे जैसे पक्षी हवा में उड़ते हैं तो इन्सान क्यो नही उड़ सकते " ।
जिससे उनके शिक्षक थॉमस अलवा ऐडिशन से परेशान हो जाते थे थॉमस अलवा ऐडिशन बच्पन से ही बहुत जिज्ञासू थे और शिक्षकों को परेशान करते थे इतना ही नही उन्हे सारे बच्चे सन्की पागल कहकर चिढ़ाते थे और थॉमस अलवा ऐडिशन इन हरकतो से परेशान होकर स्कूल से एक नोटिस भेजा गया और उसमे लिखा था की आप बच्चा बहुत ही सन्की और पागल हैं इतना ही नही जब थॉमस अलवा ऐडिशन छोटे थे तो उसने सुन रखा था की पक्षी किड़े माकोड़े खाते हैं इस लिये उड़ते हैं और फिर एक दिन सुबह पार्क में जाकर बहुत सारे किड़े पकड़कर जार में लाये और उनका घोल बनाकर आपने दोस्त को पिला दिया ये देखने के लिये की पिने के बाद उड़ता हैं या नही लेकिन हुँआ क्या की उनके दोस्त का तबियत खराब हो गया इसके लिये थॉमस अलवा ऐडिशन को काफी डाँट और मार खानी पड़ी थी और स्कूल के दिनो में वे बहुत ही भ्रमित रहते थे शिक्षक की बातो ध्यान नही देते थे और इन्ही हरकतो की वजह से स्कूल से नोटिस भेजा गया नोटिस मे लिखा था की आपका बच्चा हमारे स्कूल में पढ़ने लायक नही हैं बेहतर होगा की आप इन्हे घर पर ही रखें थॉमस अलवा ऐडिशन के पूछने पर उसकी माँ  ने उसे उल्टा पडकर सुनाया की आपका बेटा बहुत ही होसियार हैं हमारे स्कूल के शिक्षकों में इतनी काबिलियत नह की हम आपके बच्चे को पढ़ा सके और थॉमस अलवा ऐडिशन की माँ ने उनको घर पर ही पढाया।
 थॉमस अलवा ऐडिशन बहुत ही कम सोते थे और 15 वर्ष की उम्र में उन्होने एक प्रयोग शाला बनाई और रिसर्च करना शुरु कर दिया उन्हे लोग पागल सन्की कहते रहे वे लोगो की परवाह ना करते हुये वे स्रोत में लगे रहे और देखते ही देखते उन्होने 1000 बार असफलताओ के बाद 
बल्फ  का  आविष्कार किया और इस दुनिया को रोशनी से भर दिया जिसकी वजह से दिन मे काम काजी बढ़ गये पढ़ने काम करने और खेलने के लिये ज्यादा समय मिलने लगा बल्फ के आविष्कार के आलवा ऐडिशन ने चलचित्र टेलीग्राम माईक्रो जैसी करीब 1040 आविष्कार किये हैं सारी दुनिया ने उनकी प्रतिभा का लोहा माना हैं और इस वजह से उन्हे जीनियस कहकर बुलाया जाता था अपनी काम याबी के  बावजूद वह लोगो के बिच जुड़े हुये थें उन्होने कभी अपनी सफलता का घमंड नही किया । सन् 1921 में जब उनकी निधन हूँआ उस दिन उनके सम्मान मे पुरी अमेरिका की रोशनी बन्द कर दी गई थी थॉमस अलवा ऐडिशन का कहना था की अपनी जिन्दगी में मैने एक भी दिन काम नही किया 
यह सब तो मनोरंजन था 
मनके हारे हार है मनके जीते जीत 
(अगर मन से हार गये तो आप दुनिया मे कुछ भी नही कर पाओगे )

The most power full think is word 
सोंच मे कमाल की ताकत होती हैं 

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धन्यवाद 

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