Yallow Diamond की सफलता की कहानी

दोस्तो आज हम इस पोस्ट में Yallow Diamond की रास जानेगें 

Yallow Diamond of Success Story :-  दोस्तो आप सब ने Yalloew Diamond के विज्ञापन Dildaar hain hum को जारुर देखा होगा 

जिसके ब्रैण्ड अम्बेस्टर सलमान खान की दम दार ऐन्ट्री ने इस ब्राण्ड की दिल दारी को घर घर तक पहुँचा दिया लेकिन दोस्तो एक समय ऐसा भी था जब इस ब्राण्ड के संस्थापक 

श्री अमीत कोमत को बस में जाने से पहले एक बार सोंचना पड़ता था की बस लू या पैदल ही चला जाऊँ ।
क्योकि जीवन मे एक ऐसा भी दौर आया  जब उन्हे केमिकल कम्पनी के स्टाटप मेें जब उन्हे करोडो रुपये का घाटा हो गया ।
ऐसे हालातो से लड़ते हूये उन्होने कुछ ही सालो में केवल 15 लाख रुपये से Cheeps Bolls बेचने से शुरुवात कर 2700 करोड की Snacks Industrie खडी़ कर दी और  Pratap Snacks भारत की पाँचवी सबसे बडी़ Snacks बेचने वाली कम्पनी हैं।

कैसे मिली इस ब्राण्ड को इतनी बडी़ कामयाबी और सोहरत चलिये जानते हैं इस पोस्ट में थोडा विस्तार से।

इस कहानी की शुरुवात होती है 1992 जब LSU Louisiana State University से science मे मॉस्टर डिग्री लेकर अमीत कोमत भारत में ही कुछ करने के उद्देश्य से Home Town इन्दौर आये थे ।
कुछ सालो तक पैकेज फ्रुट्स कम्पनी Vardhaman snaks में काम करने के बाद अमीत ने अपना काम करने की सोंची उस दौर उन्होने  Camical मैनू  facthuring की Business शुरु की लेकिन एक ही साल के अन्दर कम्पनी करोडो के कर्जे में डूब गई और उन्हे इस कम्पनी को बन्द करना पडा़ पडा अमीत ने किसी तरह से अपने सगें सम्बन्धि से उधार लेकर और अपनी सारी जमा पूँजी देकर अपना कर्ज तो उतार दिया लेकिन अब वे पैसा और मारकेटिंग का भारोसा दोनो ही खो चुका थे ।
ये उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था वे जब सूबह उठते तो उन्हे मालुम नही होता की आज सारा दिन क्या करेंगे और कहाँ जायेंगे क्योकि उनके सभी ऑपशन बन्द हो चुके थे और यहा तक की कही जाने के लिये एक बार सोचना पडता था की बस लू या पैदल ही चला जाँऊ ।

" दोस्तो अच्छा और बुरा समय हम सब की जिन्दगी में आता है । इस बुरा समय में कुछ लोग बिखर जाते हैं ।
तो कुछ लोग निखर जाते हैं "

ऐसे ही कठिन परिस्थियो का सामना करने वाले लोग हवाँओं के विपरित जाकर ऐसा कर जाते हैं की दुसरे लोगो के लिये वे एक मिसाल बन जाते हैं ।

इस कहानी के नायक अमित कोमत ने भी विपरित परिस्थियो में हार नही मानी और एक बार फिर से आँधियों के  विपरित जाकर दोबारा से कुछ काम करने की ठान ली।

इस बार उन्होने Snacks Business Start-up  करनेे की सोंची जिसमे Distribution और Marketing का अनुभव उन्हे पहले से ही था ।

इस आडिया को 2002 में उन्होने अपने बडे़ भाई अपूर्व कोमत और उनके Family दोस्त अर्विन्द मेहता के साँथ शेयर किया दोनो को ये अडिया पसन्द आया और अमीत का साथ देने का फैसला किया और साँथ - साँथ Business शुरु करने के लिये 15 लाख रुपये इन्तेजाम  किये इस काम की शुरुवात उन्होने 2003 में cheeps bolls की प्रोडक्ट जिसका प्रोडक्शन उन्होने आऊट सोरस किया और अपनी  पैकिंग और ब्राण्ड  में Cheeps Bolls  बेचने लगें।

शुरु वात में इस Producte को इन्दौर और आस-पास के छोटे शहरो मे बचने शुरु किया 10 बाई 10 कि ऑफिस से शुरु की हुई कम्पनी पहले साल 2003 में 22 लाख दूसरे साल 2004 में 1करोड और साल 2005 तक 7 करोड़ के Profit तक जा पहुँची ।

और इस से वे समझ चुके थे की इंडस्ट्री मे बहुँत बड़ी संभावनाये हैं जिसके लिये प्रोडक्शन और Quality Control खुद के हाँथ में होना जारुरी हैं उन्होने अपनी प्रोडक्शन लाईन 2005 में खरीदी 

जो एक पुरानी प्रोडक्ट लाईन थी लेकिन इस कई साल पुरानी प्रोडक्ट लाईन से उन्होने Potato Cheeps बनाने की शुरुवात की प्रोडक्शन में तेजी आते ही उन्होने Distribution का विश्तार किया लेकिन अब भी उनकी Marketing Line छोटे शहरो को टारगेट करना सबसे ज्यादा सर्वोपरी था ।

जहाँ बड़ी कम्पनियो की पहुँच काफी Limited थी धीरे  - धीरे अपने Price और Marketing staitese से Pratap snacks freeto cheeps जैसे बड़े ब्राण्ड के Sale को भी प्रभावित करना शुरु कर दिया 2006-2007 में Papsico Company के लोक प्रिय कुरकुरे के प्रतिबन्धी Snack के रुप में चुलबुले को लॉन्च किया Yallow Diamond को अब लोग लोकल ब्राण्ड के रुप में जानने लगे थे । 
सन् 2011 तक कम्पनी भारत के कुछ हिस्सो तक सीमित होने के बावजूद 150 करोड़ के टर ओवर तक जा पहुँची Yallow Diamond की सफलता को देखते हुये बहुत से इंडस्ट्री के इन्वेस्टर कम्पनी मे पैसा लगाने की पेसकस भी करने लगे लेकिन अमित और उनके पाटनर्स ने किसी भी तरह की भारी पूँजी को काफी लम्बें समय तक इन्कार ही किये।
 सन् 2011 में Sequoia Capital नाम की एक ग्लोबल कम्पनी ने उन्हे अप्रोच किया किया और एक बडी़ Investment और अपने टाप के management Structure और Retail में एक अनुभवी टीम के साँथ कम्पनी को एक ग्लोबल ब्राण्ड बनाने और आने वाले 6 साल में कम्पनी को पाँच गुना बडा़ बनाने का अपना प्लान समझाया  Sequoia Capital के इस मिटिंग के बाद उन्हे ये अॉफर काफी अच्छा तो लगा लेकिन फिर भी उन्होने इस ऑफर को स्वीकार करने से पहले कुछ महिने का समय लिया और अन्त में Sequoia Capital के इस 200 करोड़ के ऑफर को स्वीकार कर लिया ।
इस बड़ी Investment से उन्होने कई Cheeps Making , Ring Making, नमकीन Making की Units लगाकर अपने प्रोडक्शन और market का विस्तार किया और 2016 में 

सलमान खान जैसे ब्राण्ड अम्बेस्टर केे साँथ जुड़ने से ये ब्राण्ड बड़ी तेजी से लोक प्रिय हो गया और देश भर में इसके ब्रैन्ड ने अपनी अलग पहचान बना ली हैं शुरुवात मे कम्पनी का ब्रैन्ड नेम Diamond ही सोचा गया था लेकिन ये ब्रैन्ड पहले से रजिस्टर था इसलिए सांथ मे Yallow लगाकर इस ब्रैन्ड का नाम Yallow Diamond कर दिया गया ।

3 लोगो के साँथ मिल कर शुरु की गई इस कम्पनी मे 2019 में 750 लोग और प्रत्यक्ष रुप से और लगभग 3000 लोग अप्रत्यक्ष रुप से काम करते हैं सितम्बर 2017 में कम्पनी अपने I V U के साँथ P S C में  लिस्ट हुये और 2019 में कम्पनी की वेल्यू लगभग 2700 करोड़ था ।
सन्  2019 में इस कम्पनी के 24 से ज्यादा शहरो में 2900 से ज्यादा Distributor और 4 प्रोडक्शन Units हैं ।

तो दोस्तो ये है कहानी Yallow Diamond की कहानी हार से जीत की ।

क्या सिखा आपने इस कहानी से  हमे comment  मे जारूर बतायें ।

और अच्छा लगे तो दोस्तो के साँथ शेयर करे ।

धन्यवाद


Success : एलिवेटेड हॉस्टल की कहानी - best motivational story in hindi


Read Article

Success : सफलता के पैमाने सबके लिए एक नहीं होते, पर सम्मान सबका जरूरी है


Read Article

Success : प्रदीप द्विवेदी संघर्ष और सफलता का प्रतीक है, कुछ ऐसी है यूपीएससी में कामयाबी का परचम लहराने की कहानी


Read Article

Success : Business


Read Article

Success : Online part time work Karne ka best platform


Read Article

Goal24.in is a product of RSG Trade & Services (OPC) Pvt. Ltd.

Success motivational stories, motivational business success stories ,real life inspirational stories,true story,moral stories

© Goal24.in, 2020 | All Rights Reserved | Privacy Policy | About Us | Contact Us