मौलाना आजाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री का इतिहास


मौलाना अबुल कलाम आजाद का भारतीय स्वतन्त्रता अंदोलन मे महत्वपूर्ण अहम योगदान था वह एक प्रसिध्द भारतीय मुस्लिम विद्दवान एवं राष्ट्रीय मुस्लिम नेता थे 35 वर्ष की आयू मे भारतीय राष्ट्रीय कॉग्रेस के अध्यक्ष पद पर प्राप्त करने वाले सबसे यूवा व्यक्ति थे 
इनका पूरा नाम - मौलाना सैयद अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन अहमद बिन खैरुद्दीन अह हुर्सेन आजाद था और 11नवम्बर 1888 सऊदी अरब के खूबशूरत शहर मक्का में हुआ था ।
इनके पूर्वज अफगान के उलेमा थे जो कि मुगल सम्राट बाबर के समय मे भारत आये थे ।
इनके पिता का नाम - मौलाना खैरुद्दीन था वह अरबी भाषा के प्रकाट विद्वान थे और इनका माता का नाम- आलिया बेगम थी इनका माता मदीना के मुख्ती की बेटी थी।
मौलाना अबुल कलाम आजाद जब 11वर्ष के थे तब उनकी माता का निधन हो गया ।

प्रम्भिक शिक्षा : -

मौलाना अबुल कलाम आजाद जी का प्रम्भिक शिक्षा मुस्लिम तौर तारिको से हुआ अापको प्रम्भिक शिक्षा पिता एवं अन्य मुस्लिम विद्वानो द्वारा घर या मस्जिद मे हुआ इन्होने इस्लामी शिक्षा के अतिरिक्त उर्दू हिन्दी फारसी अरबी तथा अंग्रेजी भाषाओ मे भी महारथ हासिल की ।

नीतियो का विरोध :  -

मौलाना अबुल कलाम आजाद जी ने मुस्लिम लीग की नीतियो की विरोध किया और अंग्रेजो की फूट डालो और राज करो नीति का भी खोर विरोध किया मौलाना आजाद जी इतन नही बंगाल के विभाजन का भी विरोध किया था ।
जहाँ एक ओर मुस्लिम नेता बंगाल विभाजन का समर्थन कर रहे थे वही आजाद ने इस विभाजन का घंघोर विरोध किया।

मुस्लिम समाज को जाग्रित : -

मौलाना अबुल कलाम आजाद ने भारतीय मुसलमानो को जाग्रित करने के लिये सन् 1912 मे  '' अल हिलाल '' नामक ऊर्दु पत्र का प्रकाशन किया जो मुसलमानो मे काफी लोक प्रिय हुआ ।

रचनाएं एवं महान कार्य : -
                                    
 मौलाना अबुल कलाम आजाद जी  ने कई पुस्तको की रचना एवं अनुपात किया है इनके द्वारा लिखी गई पुस्तको मे से "इंडिया विन्स फ्रीडम और गुबार-ए-खातिर प्रमुख है ।
           मौलाना आजाद जी भारत के ऊतरप्रदेश राज्य के राम पुर जिले से सन् 1947 मे सांसद चुने गये और सन् 1952 मे भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री बने ।उन्होने विश्वविद्यालय शिक्षा अनुदान आयोग की स्थापना की यह कार्य आपके द्वारा किये गये कार्यो मे सबसे महान एवं महत्वपूर्ण एवं अविष्वास्नीय कार्य कहे जाते है ।
इन्होने 31 मई 1953 मे संगीत नाटक अकादमी स्थापना के लिये तत्कालिन शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद ने अपने दस्तकत किये इसके अतिरिक्त सन् 1954 मे सहित्य कला अकादमी और ललित कला अकादमी की स्थापना मे भी महत्वपूर्ण योगदान रहा इनका मुख्य उद्देश्य मुक्त प्राथमिक शिक्षा देना था देश मे IIT और UGC की स्थापना का क्रेडिट मौलाना आजाद जी को जाता हैं।
मौलाना अबुल कलाम आजाद जी का 11नवम्बर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप मे मनाया जाता हैं।
मौलाना अबुल कलाम आजाद जी को शिक्षा के क्षेत्र मे बहत्रीन काम करने के लिये सन् 1922 मे
उन्हे मरणो प्रान्त भारत रत्न पुस्कार से सम्मानित किया गया था ।
उन्होने विषम परिस्थियो मे अपने को सम्भाला इस देश को उज्जवल बानाने के लिये महत्वपूर्ण कार्य किये ।
मौलाना अबुल कलाम आजाद जी ने एक सन्त जैसा जीवन व्यतीत किये जब इनकी निधन हुआ तब उनके पास कोई खास सम्पति नही था और ना ही कोई बैंक खाता था जब निधन हुये तब इनकी आलमारी से खादी के कुछ वस्त्र दो जोडी सैन्डेल ब्रस्त और पुस्तके प्राप्त हुई ।
इनका परिधान पुस्तके आदि वस्तुए अब भारतीय राष्ट्र की सम्पति है

मौलाना सैयद अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन अहमद बिन खैरुद्दीन अह हुर्सेन आजाद


धन्यवाद 

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