True Love Story

वैसे तो मुझे ज्यादा सुबह तक सोने की आदत नहीं है लेकिन आज रात व्हाट्सएप फेसबुक के चक्कर में कुछ ज्यादा ही जागता रह गया था । 
        जिसके कारण आज सुबह टाइम से नींद नही खुल पाया था । जब मैं सुबह  बेड पर सो रहा था तभी मेरे phone पे एक आवाज आई । आवाज सुनकर सुनकर phone देखा किसानों कॉल किया | www.www.youtube.com/oyemuku 

"  क्या कर रहे हैं ? " फोन से आवाज आई ।

 मैंने सोचा कोई अपनी ही फैमिली की होगी तो मैंने कह दिया "  हां  ! कुछ नहीं।"
  इतना बोलने के बाद कॉल की दूसरी तरफ से मुझे डांटने की आवाज सुनाई देने लगी "
 तुम हॉस्टल में पढ़ने के लिए गए हो या दिन भर सोने के लिए , अगर तुम इतना सोओगे तो एक्जाम कैसे क्लियर कर पाओगे ?  रुको , मैं अभी पापा को कॉल करके बताता हूं कि आपका लाडला अब तक सो रहा है ।" love stories
 मैं इन बातों को खामोश होकर सुनता रहा । मुझे यह समझ में नहीं आ रही थी कि मैं  कब से हॉस्टल में रह रहा हूं और कौन सा एक्जाम क्लियर करना है ।
 खैर !  अब तक मुझे पूरी तरह से समझ में आ चुका था कि यह किसी रॉन्ग नंबर की कॉल आ रही है ।love stories
 मुझे चुप देखकर वह फिर बोली "  इतने चुप क्यों हो ?  क्या हुआ ? "



           
 अब मुझे भी रहा नहीं गया और मैंने साफ-साफ सब कुछ बता दिया कि आपने रॉन्ग नंबर पर कॉल किया है । यह सुनकर हुआ वह सन्न रह गई ।love stories

 वह बोली "  सॉरी ,  मैंने अपने भाई के पास कॉल की थी ।  न्यू एंड्रॉयड फोन रहने के कारण मेरे मोबाइल में भाई का नंबर सेव नहीं था जिसके कारण गलत नंबर डायल हो गई  ।  मुझे माफ कर दो "

 मैंने कहा "  ठीक है  , कोई बात नहीं । लेकिन आपने तो मेरी दिन ही खराब कर  दी ।  बेवजह सुबह-सुबह डांट लगा दिया आपने । " love stories
 उसने माफी मांगने के बाद कॉल डिस्कनेक्ट कर दी ।  लेकिन सच कहूं ?  उससे बात करके बहुत अच्छा लग रहा था ।
  उसका डांटना गजब की अपनापन महसूस  करवा रहा था ।
 इसके बाद मैंने इन सब से ध्यान हटाकर ऑफिस के लिए तैयार हुआ और उसके बाद 9:15 बजे ऑफिस पहुंच गया । love stories
 लेकिन आज ऑफिस में भी मन नहीं लग रही थी । कुछ सुना - सुना सा महसूस हो रहा था ।
 मुझे उस से दूबारा बात करने का दिल कर रहा था  और ऑफिस में ज्यादा काम नहीं होने के कारण बोरिंग भी महसूस हो रही थी ।love stories
 मैंने अपनी पॉकेट से मोबाइल निकाल कर  उसकी नंबर पर कॉल करने की सोचा लेकिन मुझे कॉल करने की हिम्मत नहीं हो रही थी ।
"पता नहीं वह मेरे बारे में क्या सोचेगी "  यह सोच कर मैं कॉल नहीं कर पा रहा था ।love stories
 मैं अपने मोबाइल को टेबल पर रखकर कुछ काम करने लगा  कुछ समय बाद अचानक मेरे मोबाइल की स्क्रीन लाइट जली और SMS आने की आवाज आई । love stories
 वैसे मैं  SMS  पर  ध्यान नहीं देता हूँ । लेकिन यह s.m.s. उसी नंबर से थी जिस नंबर से सुबह कॉल आई थी । मैंने झट से अपने मोबाइल का पैटर्न को खोला और मैसेज को देखा ।
           ये  क्या ?  उसने फिर से सॉरी लिख कर भेजी है ।love stories
 अब मुझे भी उससे बात करने का अच्छा मौका मिल चुका था  और मैंने भी उसे मैसेज रिप्लाई कर दिया ।
  फिर क्या !  s.m.s. की बाढ़ आ गई । और  दिनभर  एक दूसरे  को  एसएमएस भेजते रहे ।
  और हम दोनों अगले 4 दिनों तक एस एम एस के द्वारा ही बात करते  रहे ।love stories
  अब शाम Funny SMS  से गुजरता तो सुबह प्यार भरी लव SMS   से होती ।love stories
 कुछ ही दिनों में हम दोनों एक बहुत ही अच्छा दोस्त बन गए  और फोन पर प्रतिदिन घंटे - घंटे बात होने लगी ।
 उसने अपना नाम श्रेया बतायी और वह लक्ष्मी नगर  दिल्ली  में रहती  है तथा वो अभी ग्रेजुएशन कर रही है ।love stories
 मैंने भी उसे अपने दिल की सारी बातें बता दिया और उसकी दोस्ती कब प्यार में बदल गई कुछ पता ही नहीं चला ।
 मैंने दिन में ही उसकी ख्वाब देखना शुरू कर दिया और उस से जुड़कर जिंदगी एक हसीन सपना दिखाने लगा ।  मेरी हर सपना में सिर्फ वह और मैं होता था । love stories
 अब तो जिंदगी का हर सपना उसके करीब से जुड़ता जा रहा था । उसकी बात   गजब की जादू कर दिया था । love stories
 हम दोनों ने फोन पर ही कई वादे किए जिसमें से एक वादे साथ में जीने मरने की  भी  थी ।
            अब हम दोनों को बात करते करते लगभग 6 महीने से अधिक बीत चुके थे ।love stories
 एक दिन मैंने श्रेया से  मिलने की जिक्र किया और उसने भी हामी  भर दिया । उसकी सहमति सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था ।
 हम दोनों ने काफी सोच विचार करके नेहरू पार्क में  मिलने के लिए जगह चुना  । यह पार्क लक्ष्मी नगर से नजदीक हैं इसलिए   उसने भी इसी पार्क का सुझाव दी  ।love stories
 मैंने 2 दिनों बाद रेलवे की कंफर्म टिकट बुक करा कर दिल्ली के लिए निकल पड़ा ।
 उससे मिलने से पहले ही मैंने कई सपने संजो चुके थे । love stories
 ट्रेन पर सारी रात उससे बात होती रही वह भी  मुझसे मिलने के लिए काफी उतावली प्रतीत हो रही थी । हम दोनों  को ऐसा लग रहा था काश  ! यह रेलगाड़ी हवाई जहाज की तरह तुरंत हमे उसके पास पहुंचा दें  । love stories
 कल 9:00 AM बजे सुबह मैं रेलवे स्टेशन दिल्ली जंक्शन के प्लेटफार्म  नम्बर 8  पर खड़ी  था ।
 मैंने अपने मोबाइल को निकाल कर श्रेया के मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो वह  फोन पर थोड़ी परेशान दिखी मैंने उससे इस परेशानी की वजह पूछी तो वह कुछ बताने से इंकार करती हुई बोली "   मैं आपको  मिलकर बताती   हूँ " love stories
 इसके बाद  मैं नेहरू पार्क जाने के लिए एक ऑटोैं मे बैठ गया ।  लेकिन पता नहीं क्यों ?  उसे परेशान देखकर मेरे अंदर एक अलग सी डर घर कर गई थी ।love stories
   "  सर!   पहुंच गई आपकी मंजिल "  ऑटो ड्राइवर ने मेरा ध्यान भंग करते हुए बोला ।
 मैं उस जगह पर पहुंच कर उसके नंबर पर कॉल लगाया लेकिन उसका नंबर स्विच ऑफ  बताने लगी । love stories
 मैं काफी परेशान हो गया और बार-बार नंबर पर कॉल करता रहा ।  लेकिन उसकी नंबर स्विच ऑफ ही  बताता रहा  ।  लगभग 2 घंटे तक  कोशिश करने के बाद उसके नंबर पर कॉल नहीं  लगी तब मैं थक- हारकर वही चबूतरे पर बैठ गया और उसकी इंतजार करने लगा । love stories
 सुबह से शाम होने को आ गई थी लेकिन उसकी कोई अता-पता नहीं थी । अब तुम मुझे यकीन होने लगा था की  अब वह आने वाली नहीं है ,  वह मुझे बेवकूफ बनायी हैं और मुझे धोखा दी है ।love stories
 लेकिन श्रेया से इतने दिनों तक बात किया और कल तक की बाते  याद करता  हूँ  तो मुझे यकीन नहीं होता कि वह मुझे धोखा दे सकती है ।  क्योंकि  जितना खुशी मुझे श्रेया से मिलने को लेकर थी उतना ही खुशी मुझसे मिलने के लिए उसे हो रही थी ।love stories
"   आखिर क्या बात होगी ?  जो वह  मुझसे मिलने नहीं आई । "  यह प्रश्न मेरे दिल हमेशा मुझसे पूछ रही थी ।
 उसने मुझसे इतना दिनों तक बात किया और आज तक ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि वह कभी मुझे धोखा  दे सकती है ।
   अब तो इस हालात में मेरे दिमाग भी सही से काम नहीं कर रही थी ।   मैं वहां से वापस आने से पहले उसको ढूंढना चाहा पर मेरे दिमाग ने इसकी सहमति नहीं दिया और मैं वहां दो दिनों तक इंतजार करने के बाद पुनः अपने घर वापस आ गया । love stories

 घर आने के बाद सब कुछ बेगाना सा महसूस हो रहा था ।  उससे बात किए बिना मेरा दिन ही नहीं गुजार रही थी   ।  इतना कुछ होने के बाद भी मैं वापस आने के बाद उसके कॉल का इंतजार करता था ।  सोचता था शायद ! वह कॉल कर दे कभी ।
 आज मुझे दिल्ली से लौटा हुआ 3 महीने हो चुका है  लेकिन अब तक उसकी कॉल कभी नहीं आई । love stories
एक रॉन्ग नम्बर ने मेरी पूरी जिंदगी को हिलाकर रख दिया ।
 अब मैं कुछ दिनों से उसे भुलाने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन मेरे दिमाग में एक प्रश्न बार बार आता है "  जब श्रेया  अंतिम बार बात कर रही थी तो वह इतनी  परेशान क्यों थी ?  क्या वह  किसी मजबूरी के कारण नहीं आ पाई थी ?  अगर हां ,  तो क्या मजबूरी हो सकती है ? " love stories

 खैर ! जो भी हो ।  मैं उस रॉन्ग नंबर को जिंदगी का सबक नंबर बना लिया हूँ ।  और जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा हूं ।
               अब मुझे समझ आ चुकी है  कोई नंबर रॉन्ग नहीं होता ,  इंसान  के मकसद रॉन्ग होती हैं 

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